26 जनवरी

कभी सोचा न था ऐसा दिन भी आएगा सड़को पर लाखों भिक्षुक,होटल में बचपन रूठता जाएगा सरहद पर जवानी मर मिटेयँगे हर घर मे झूठी शान  बिखरेंगे कही गोलियों से कोई भुने जाएंगे कही गौरव का जश्न मनाया जाएगा कही…